Sunday, October 13, 2019

रामायण के अर्थ



रामायण में लिखा हुआ है कि पत्थर पर बंदर " जय श्री राम " लिखते हैं
             

कोई बताऐं कि बंदर को किसने पढ़ाया  ? जबकि उस समय शुद्रों को भी पढ़ने का अधिकार नहीं था  ,तो बंदर कैसे पढ़ लिया ।
     सीता बाॅयें  हाथ से जिस धनुष को उठा लेती थी रावण उसे हिला तक नहीं सकता था , तो कमजोर रावण बलवान सीता का अपहरण कैसे कर लिया  ?
       राम के पास हनुमान था जो पहाड़ को भी लेकर उड़ जाता था , अपना आकार इतना बडा और छोटा कर सकता था कि सूर्य को भी  निकल सकता था तो लंका पर चढ़ाई करने के लिए समुद्र में पूल बनाने की जरूरत क्या थी ?
     राम जब खुद भगवान थे सर्वशक्तिमान थे तो बाली को छुपकर क्यों मारा  ?

    बाल्मिकी अन्तर्यामी थे तो सीता के डर से कूश ( घास ) से बालक क्यों बनाया  ?

पहले तो ध्यान देकर देखना चाहिए था कि सीता का पुत्र लव कहाँ और किस स्थिति में है ?

       रामायण संदिग्ध है ।इसमें कोई सच्चाई नहीं है ।सभी घटनाऐं काल्पनिक है ।

     धर्म के ठेकेदार कहते हैं कि वेद - पुराण भगवान के द्वारा करोड़ों वर्ष पहले लिखा हुआ है ।वेद -पुराण संस्कृत में लिखा हुआ है । धर्म के ठेकेदारों का कहना है कि संस्कृत भगवान एवं देवी -देवताओं की भाषा है । यानी संस्कृत करोड़ों वर्षो से आज तक प्रचलन में हैं  ।

      जबकि सच्चाई यह है कि कोई भी धर्म ग्रंथ बौद्ध धर्म की स्थापना के बाद लिखा गया है क्योंकि रामायण में अशोक वाटिका की चर्चा है । ब्राह्मण पंडितो से पूछो की अशोक वाटिका का निर्माण किसके नाम पर किसकी याद में करवाया गया??

 अशोक वाटिका का निर्माण बौद्ध धर्म प्रचार के क्रम में सम्राट अशोक के पुत्र महेंद्र द्वारा श्रीलंका में अपने पिता अशोक के नाम पर किया था

      ठेकेदारों का कहना है कि संस्कृत करोड़ों वर्ष से चली आ रही है लेकिन सच्चाई यह है कि संस्कृत भाषा की उत्पत्ति बौद्ध धर्म के समय में हुई है ।

 छः हजार वर्ष ईसा पूर्व सिन्धु घाटी की सभ्यता चलन में थी ऐसा पुरातत्व विभाग ने साबित किया है ।सिन्धु घाटी की सभ्यता आज की सभ्यता से भी अधिक विकसित थी ।खुदाई में बहुत बड़ा -बड़ा पक्का मकान एवं स्नानागार , चौड़ी - चौड़ी सड़क, बड़ा - बड़ा शीलालेख मिला है । पत्थर एवं कासे के बर्तन पर बहुत चीज लिखी हुई मिली है  , सभी पाली भाषा में है

यदि संस्कृत भाषा पूर्व से ही आ रही होती तो संस्कृत भाषा में भी कुछ लिखा हुआ मिलता ।इससे साबित होता है कि सभी धर्म ग्रंथ मौर्य वंश के पतन के बाद पूष्प मित्र शुंग द्वारा स्थापित ब्रह्मण राज्य में लिखा गया है ।

     काल्पनिक  देवी -देवता और भगवान का जन्म भी पूष्प मित्र शुंग के शासन काल में हुआ है क्योंकि सिन्धु घाटी की खुदाई में कोई भी देवी -देवता एवं भगवान की मूर्ति तथा कोई भी मंदिर नहीं मिला है ।

🙏 निवेदन है कि धर्म ग्रंथ पढ़े मगर आॅखें बंद करके दिमाग अलग रख कर नहीं पढ़े बल्कि उसमें जो झूठ और गलत है उसको समझें ।

आपको धर्म शास्त्रों में करोड़ों झूठ और गलतियाॅ मिलेगी।

     धूर्तो ने धर्म शास्त्रों को लिखा है ,

 गुण्डों द्वारा प्रचार किया गया है

और मूर्खों द्वारा धर्म को माना जा रहा है
    अपने बच्चों को धर्म नहीं ज्ञान - विज्ञान और संविधान की शिक्षा दो ।
bhagwan

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